इतिहास के पन्नों में 06 नवंबर : 1962 में जब बनी राष्ट्रीय रक्षा परिषद, सुरक्षा नीति को मिली नई दिशा

भारत के इतिहास में 06 नवंबर 1962 का दिन राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था के लिए ऐतिहासिक महत्व रखता है। इसी दिन भारत सरकार ने राष्ट्रीय रक्षा परिषद का गठन किया था, जिसका उद्देश्य प्रधानमंत्री को राष्ट्रीय सुरक्षा और सामरिक मामलों पर सलाह देना था।

भारत-चीन युद्ध के बाद देश को एहसास हुआ कि रक्षा और विदेश नीति के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता है। इसी पृष्ठभूमि में बनी यह परिषद देश के सुरक्षा ढांचे की पहली औपचारिक संस्था बनी। इसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं, जबकि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार इसके सचिव के रूप में कार्य करते हैं।

परिषद का कार्यक्षेत्र पारंपरिक रक्षा से आगे बढ़कर आतंकवाद, उग्रवाद-निरोध, अंतरिक्ष, उच्च प्रौद्योगिकी और पर्यावरणीय सुरक्षा जैसे विषयों को भी समाहित करता है। इसने भारत की दीर्घकालिक सामरिक नीति को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

बाद में वर्ष 1998 में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद का गठन इसी ढांचे के विस्तार के रूप में किया गया, जिसमें ब्रजेश मिश्रा देश के पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बने।

1763 – ब्रिटिश फौज ने मीरकासिम को हराकर पटना पर क़ब्ज़ा किया।

1913 – दक्षिण अफ्रीका में भारतीय खनन मजदूरों की रैली का नेतृत्व करने के लिए महात्मा गांधी को गिरफ्तार किया गया।

1943 – दूसरे विश्व युद्ध के दौरान जापान ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह सौंपे।

1956 – मित्र देशों की सेनाओं ने सुएज नहर पर कब्जा किया। ब्रिटेन और फ्रांस की सेनाओं ने मिस्र के सैनिकों के खिलाफ सुएज नहर युद्ध में जीत दर्ज की।

1990 नवाज शरीफ़ ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का पद संभाला। वह 18 अप्रैल 1993 तक इस पद पर रहे।

1994 – अफगानिस्तान के बुरहानुद्दीन रब्बानी गुट द्वारा संयुक्त राष्ट्र अफ़ग़ान शांति योजना स्वीकृत।

1998 – सियाचिन में युद्धविराम का भारत का प्रस्ताव पाकिस्तान को नामंजूर।

2000 – ज्योति बसु ने लगातार 23 वर्षों तक पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री रहने के बाद पद छोड़ा।

2008 – स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने प्रधान ब्याज दर (जीएलआर) और जमादारों के कटौती की घोषणा की।

2013 – सीरिया के दमस्कस में आत्मघाती विस्फोट में आठ मरे, 50 घायल।

2013- महान खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर और वैज्ञानिक प्रो. सीएनआर राव को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ देने की घोषणा की गई।

2014 – सचिन तेंदुलकर की आत्मकथा ‘प्लेइंग इट माई वे’ का विमोचन।

1937 – यशवंत सिन्हा – पूर्व सिविल सेवा अधिकारी व राजनेता रहे हैं।

1939 – विजय कुमार कार्णिक – भारतीय वायु सेना में पायलट थे।

1956 – जितेन्द्र सिंह (भाजपा) – भारतीय जनता पार्टी के राजनीतिज्ञ हैं।

1986 – भाविना पटेल – भारत की पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी ।

1951 – एच. जे. कनिया – स्वतंत्र भारत के प्रथम मुख्य न्यायाधीश थे।

2010 – सिद्धार्थ शंकर राय – पश्चिम बंगाल के भूतपूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *