बीकानेर, 29 जुलाई । कानासर फांटा स्थित संत भावनाथ आश्रम स्थित गौ शाला में चल रहे के गौ सम्मान अनुष्ठान के दौरान दिन भर अनेक आयोजन हुए। अनुष्ठान के संयोजक प्रहलाद ओझा ‘भैरूं’ ने बताया कि आज गौ शाला क्षेत्र में आयोजित आयोजन में बड़ी संख्या में गौ भक्तों एवं सेवादारों ने भाग लिया।
गौ शाला क्षेत्र के चारों ओर 500 से अधिक पताकाएं लगाई जा चुकी है। बुधवार पूर्णिमा तक कुल 551 की संख्या पूर्ण की गयी। इसके साथ ही विशिष्ट 11 ध्वजाएं 25 फिट की रेत के ऊंचे धोरों पर लगाई जा रही है। महाभारत में वर्णित गायों के विशेष नाम से ये विशिष्ट ध्वजाएं है।इन ध्वजाओं के लगाने के साथ में संबंधित गायों के नाम का उच्चारण और जाप किया गया तथा ध्वजा लगाने के साथ ही कांसी की झालर एवं शंख ध्वनि की गई। अनुष्ठान के दौरान गौ शाला क्षेत्र में बनी पानी की कुंडियों के साथ ही दूर दूर तक गायों, हिरणों एवं पक्षियों के बनाई गई खेलियां, पालसलियों की सफाई कर उन्हें पानी से भरा गया। गौ शाला के गौ लोक द्वार से रामदेव मंदिर एवं भोमिया जी की खेजड़ी तक मार्ग की सफाई कर कांटे आदि हटाए गए, बीकानेर की तरफ से गौ शाला तक क्षतिग्रस्त मार्ग के खड्डे भरे गए।
आश्रम के अधिष्ठाता संत भावनाथ महाराज ने अपने प्रवचन में गौ महिमा पर प्रकाश डाला। उन्होंने बहुला नामक विशिष्ट गाय की कथा सुनाई। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि कितना ही बड़ा पाप हो गया हो अगर व्यक्ति पश्चाताप करे और पाप न करने का संकल्प के साथ अगर गौ सेवा, गौ दान,गौ नाम संकीर्तन और गौ दर्शन आदि इसमें से कोई भी करे तो उसके पाप का संहार हो जाता है।
आज हुए आयोजन में पूर्व सरपंच झवरलाल कच्छावा, टाटा मोटर्स के धन सिंह चौधरी, पुजारी विष्णु भाटी, समाज सेवी सोहन महाराज उपाध्याय, भूराराम कुम्भार, सुमेर सिंह एवं नीरज पूनम भाटी ने सेवाएं दी।