अयोध्या में दीपोत्सव की भव्यता ने पर्यटन और स्थानीय कारोबार को दिया नया विस्तार

अयोध्या, 08 नवंबर । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या का दीपोत्सव धार्मिक आस्था के साथ पर्यटन और स्थानीय कारोबार के विस्तार का भी बड़ा अवसर बनता जा रहा है। रामनगरी में दीपोत्सव की जगमगाहट ने केवल सरयू तट और मंदिरों को ही रोशन नहीं किया, बल्कि बाजारों में कारोबार की चमक भी बढ़ाई। श्रद्धालुओं और पर्यटकों की बढ़ी आवाजाही के बीच होटल, कैब, खानपान और स्थानीय दुकानों पर ग्राहकों की आमद ने व्यवसायियों को बेहतर कमाई का अवसर दिया। किसी के होटल में कमरे पूरी तरह भर गए तो दुकानों पर दिनभर ग्राहकों की आवाजाही बनी रही। प्रसाद, श्रृंगार, माला और खानपान से जुड़े कारोबारियों के लिए भी यह सप्ताह सामान्य दिनों से अलग रहा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव को अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान और वैश्विक पर्यटन के आकर्षण से जोड़कर भव्य स्वरूप दिया है। दीपोत्सव के दौरान देश विदेश से श्रद्धालुओं और पर्यटकों का अयोध्या पहुंचना रामनगरी की बढ़ती पर्यटन गतिविधियों का महत्वपूर्ण पहलू है। धार्मिक आयोजन की भव्यता के साथ पर्यटकों की आवाजाही ने स्थानीय व्यवसायों के लिए भी नए अवसर तैयार किए। होटल, परिवहन और बाजारों में बढ़ी गतिविधियां इसी बदलाव की तस्वीर प्रस्तुत करती हैं।

दीपोत्सव के सप्ताह में होटल व्यवसाय में पर्यटकों की बढ़ी आवाजाही का असर साफ दिखाई दिया। होटल डिवाइन अयोध्या के प्रबंधक आयुष बताते हैं कि सामान्य दिनों की तुलना में दीपोत्सव के सप्ताह में होटल करीब शत प्रतिशत बुक रहा। पर्यटकों की बढ़ी आमद के चलते कमरों की मांग काफी बढ़ गई। होटल व्यवसाय के लिए दीपोत्सव का सप्ताह बेहतर कारोबार लेकर आया।

पर्यटकों की आवाजाही ने स्थानीय परिवहन सेवाओं को भी गति दी। राम मंदिर, हनुमानगढ़ी, सरयू घाट और अन्य धार्मिक स्थलों तक पहुंचने के लिए पर्यटक वाहनों की जरूरत बढ़ी। कैब संचालक शोभित तिवारी बताते हैं कि दीपोत्सव के दौरान अच्छा कारोबार हुआ और कमाई तीन गुना वृद्धि हुई। पर्यटकों की बढ़ी आवाजाही ने कैब सेवाओं के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराए। होटल से धार्मिक स्थलों तक और शहर के अलग-अलग हिस्सों में पर्यटकों की आवाजाही ने परिवहन कारोबार को भी उत्सव की रौनक से जोड़ दिया।

दीपोत्सव की सबसे खास तस्वीर छोटे कारोबारियों के अनुभवों में दिखाई देती है। चाट की दुकान चलाने वाले सौरभ सिंह बताते हैं कि सामान्य दिनों में रोजाना 800 से 1000 रुपये की कमाई होती थी लेकिन दीपोत्सव के दौरान यह बढ़कर 2500 से 3000 रुपये तक पहुंच गई। ग्राहकों की बढ़ी संख्या ने कारोबार को नई गति दी।

प्रसाद बेचने वाले दीपक कुमार के लिए भी दीपोत्सव कारोबार के लिहाज से अच्छा रहा। उन्होंने बताया कि आयोजन के दौरान बिक्री अच्छी हुई और लाभ भी मिला। पटना निवासी प्रसाद विक्रेता संजय यादव बताते हैं कि दीपोत्सव के दौरान कारोबार काफी बेहतर रहा। उनकी रोजाना कमाई 2500 से 3000 रुपये तक पहुंच गई। चूड़ी और माला बेचने वाली वीना भी दीपोत्सव के दौरान कारोबार बढ़ने से खुश हैं। उनके अनुसार, आयोजन में बिक्री अच्छी रही और लाभ हुआ। श्रद्धालुओं की खरीदारी ने छोटे दुकानदारों को भी बेहतर कमाई का अवसर दिया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में दीपोत्सव की भव्यता ने अयोध्या को धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में नई पहचान दी है। इस आयोजन के दौरान पर्यटकों की आवाजाही ने होटल में ठहरने, स्थानीय परिवहन, खानपान और बाजारों में खरीदारी तक कारोबार की एक व्यापक श्रृंखला को सक्रिय किया। रामनगरी में आस्था के साथ पर्यटन और स्थानीय व्यवसाय की गतिविधियां भी नई गति प्राप्त कर रही हैं।

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