प्रशासन की ओर से अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
घटना
की जानकारी मिलते ही इनेलो कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक नगर निगम के अधिकारी
और कर्मचारी वहां से जा चुके थे। पार्टी नेताओं का आरोप है कि यह कार्रवाई पहले से
बनाई गई योजना के तहत की गई। उनका कहना है कि जिस समय नगर निगम की टीम शिलालेख हटा
रही थी, उसी समय पार्टी पदाधिकारी छात्र प्रदर्शन के मामले में उपायुक्त को ज्ञापन
देने गए हुए थे।
इनेलो
नेताओं ने कहा कि ताऊ देवीलाल किसानों, मजदूरों और सभी वर्गों के हितों के लिए जीवनभर
संघर्ष करते रहे। ऐसे जननायक के नाम का शिलालेख हटाना प्रदेश की जनता की भावनाओं और
सम्मान से जुड़ा मामला है।
घटना के विरोध में इनेलो के प्रतिनिधिमंडल ने नगर निगम आयुक्त
सहित अधिकारियों से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। नगर निगम आयुक्त ने प्रतिनिधिमंडल को
आश्वासन दिया कि यदि मामले में नगर निगम के किसी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता
पाई जाती है तो निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई
की जाएगी। इनेलो ने मांग की है कि शिलालेख को पहले की तरह उसी स्थान पर सम्मानपूर्वक
दोबारा स्थापित किया जाए।