दुष्कर्म प्रकरण में एमपी के तत्कालीन एआईजी को उम्रकैद

जयपुर, 30 जुलाई । पॉक्सो मामलों की विशेष अदालत क्रम-2 ने आपराधिक मामले में महिला के पति की मदद के नाम पर उसके साथ कई बार दुष्कर्म करने वाले मध्यप्रदेश पुलिस के तत्कालीन एआईजी अनिल मिश्रा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं अदालत ने पीडिता की नाबालिग पुत्री से अश्लीलता करने के मामले में इसी अभियुक्त को तीन साल की सजा सुनाई है। अदालत ने कहा की अभियुक्त एमपी में पुलिस का वरिष्ठ अधिकारी था। जहां उसकी जिम्मेदारी आम नागरिकों की सुरक्षा करने की थी, लेकिन उसने पीडिता को जेल में बंद पति की सहायता का प्रलोभन देकर उसके साथ अलग-अलग शहरों में ले जाकर दुष्कर्म किया।

अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक संदीप वाजपेयी और पीडित पक्ष के वकील मुकेश पाठक ने अदालत को बताया कि पीडिता ने 11 जुलाई, 2014 को महिला थाना दक्षिण में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें कहा गया कि उसके पति के खिलाफ फरवरी, 2012 में एमपी के सिरोह में शिकायत दर्ज हुई थी। इस दौरान उसके पति ने उसे बताया कि एडीशनल इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस के पद पर तैनात अभियुक्त उसके व्यवसाय से जुडे हुए हैं और वह उनसे जाकर मिले। इस दौरान मार्च माह में वह भोपाल जाकर अभियुक्त से मिली। अभियुक्त ने पति की मदद का प्रलोभन देकर ऑफिसर मैस में उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके अलावा अभियुक्त ने उससे कई बार अपने बैंक खाते में रुपए भी ट्रांसफर कराए। इसके साथ ही अभियुक्त ने उसके साथ जोधपुर और मुंबई सहित अन्य जगहों पर ले जाकर दुष्कर्म किया। वहीं अप्रैल, 2014 में अभियुक्त ने उसकी नाबालिग बेटी के साथ अश्लीलता भी की। रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर अदालत में आरोप पत्र पेश किया।

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