नई दिल्ली, 09 जुलाई । दिल्ली उच्च न्यायालय ने क्रिकेटर अभिषेक शर्मा के खिलाफ आपत्तिजनक ऑनलाइन कंटेंट हटाने का आदेश दिया है। न्यायाधीश ज्योति सिंह की बेंच ने इस मामले के प्रतिवादियों को उनके सोशल मीडिया हैंडल के जरिये नोटिस जारी करने का आदेश दिया।
अभिषेक शर्मा ने अपने व्यक्तित्व के अधिकारों के संरक्षण की मांग करते हुए कहा था कि उनके बारे में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) निर्मित कंटेंट बिना उनकी अनुमति के अपलोड किए गए हैं। इन कंटेंट के जरिये उन्हें अपमानित करने की कोशिश की जा रही है। सात जुलाई को सुनवाई के दौरान मेटा की ओर से वकील वरुण पाठक ने कहा था कि 8 यूआरएल यानि वेबलिंक हैं, जिनमें से 2 का एक्सेस नहीं हो पा रहा है। एक यूआरएल पैपराजी किस्म का फोटो है और उससे व्यक्तित्व के अधिकारों का कोई उल्लंघन नहीं होता है। तब अभिषक शर्मा की ओर से पेश वकील ने कहा था कि वो एआई निर्मित फोटो है। तब कोर्ट ने कहा था कि मानहानि और व्यक्तित्व के अधिकारों में एक पतली रेखा का फर्क है। मानहानि वाले मामलों में भी व्यक्तित्व के अधिकारों का हनन होता है। तब पाठक ने कहा कि अगर किसी ने कुछ कहा जो झूठ और अस्वीकार्य है तो वो दूसरी श्रेणी में आएगा।
इसके पहले उच्च न्यायालय फिल्म अभिनेता और सांसद रवि किशन, कांग्रेस नेता शशि थरूर, अभिनेता अर्जुन कपूर, तेलुगु अभिनेता अल्लू अर्जुन, कथावाचक अनिरुद्धाचार्य, मलयालम फिल्म अभिनेता मोहनलाल, भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच और पूर्व सांसद गौतम गंभीर, पतंजलि आयुर्वेद के आचार्य बालकृष्ण, फिल्म अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा, बाबा रामदेव, फिल्म अभिनेत्री काजोल फिल्म अभिनेता विवेक ओबेरॉय, आंध्रप्रदेश के उप-मुख्यमंत्री पवन कल्याण, पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर, फिल्म अभिनेता सलमान खान, अभिनेता अजय देवगन, अभिनेत्री और सांसद जया बच्चन, पत्रकार सुधीर चौधरी, आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के संस्थापक श्री श्री रविशंकर, तेलुगु अभिनेता नागार्जुन, अभिनेत्री ऐश्वर्या राय, अभिषेक बच्चन और फिल्म प्रोड्यूसर करण जौहर के व्यक्तित्व से जुड़ी किसी बात का बिना अनुमति इस्तेमाल नहीं करने का आदेश दे चुका है।