फतेहाबाद, 07 नवंबर । फतेहाबाद जिले में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार चिंता का विषय बनता जा रहा है। शाम ढलते ही पूरे शहर को जहरीला धुंआ अपनी आगोश में ले लेता है, जिसका असर अगले दिन सुबह भी नजर आता है। शनिवार को फतेहाबाद का एयर क्वालिटी इंडेक्स 196 दर्ज किया गया, जो कि मध्यम श्रेणी की ऊपरी सीमा के बेहद करीब है। हवा में लगातार बढ़ रहे प्रदूषण के पीछे मुख्य वजह खेतों में पराली जलाने के मामले और वाहनों से निकलने वाला काला धुआं है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार जिले में अब तक पराली जलाने के पांच मामले सामने आ चुके हैं। बिगड़ते हालातों को देखते हुए प्रदूषण पर काबू पाने के लिए नगर परिषद ने सक्रियता दिखाते हुए शहर की प्रमुख सडक़ों पर पानी का छिडक़ाव करवाया, ताकि उडऩे वाले धूल के कणों को हवा में फैलने से रोका जा सके।सुबह-शाम धुंध और धुएं का असर, स्वास्थ्य पर पड़ रहा असरबढ़ते प्रदूषण के कारण सुबह और शाम के वक्त वातावरण में धुंध और धुएं की चादर छाई रहती है, जिससे विजिबिलिटी पर भी असर पड़ रहा है। इस जहरीली हवा के कारण लोगों को आंखों में जलन, खुजली और सांस लेने में हल्की परेशानी जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि खासकर बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा या सांस संबंधी अन्य बीमारियों से पीडि़त लोगों को इस मौसम में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। इसके अलावा शहर में बेतहाशा बढ़ती वाहनों की आवाजाही और खस्ताहाल सडक़ों से उठने वाली धूल भी वायु गुणवत्ता को लगातार गिरा रही है।तापमान में उतार-चढ़ाव, दिन में चुभ रही धूपमौसम में फिलहाल दिन और रात के तापमान में बड़ा अंतर बना हुआ है। शनिवार को फतेहाबाद का अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन के समय तेज धूप के कारण हल्की गर्मी का अहसास हो रहा है, जबकि सुबह और शाम के वक्त सिहरन भरी ठंडक महसूस की जा रही है। मौसम में बने ठहराव और हवा की रफ्तार कम होने के कारण प्रदूषक कण वातावरण की निचली सतह पर ही टिके हुए हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आगामी 11 नवंबर को एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसके प्रभाव से हरियाणा के उत्तरी जिलों में कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। हालांकि, राहत की असल उम्मीद 14 नवंबर को है, जब एक अन्य मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के पूरे आसार हैं।