जींद, 07 नवंबर । दीपावली का पर्व केवल दीप जलाने, मिठाइयां बांटने और खुशियां मनाने का त्योहार नही है बल्कि यह अंधकार पर प्रकाश, अज्ञान पर ज्ञान और निराशा पर सकारात्मकता की विजय का भी प्रतीक है। इसी भावना को सार्थक करते हुए निपुण मिशन के तहत जिले के राजकीय विद्यालयों में एक दीप विद्यालय के नाम अभियान चलाया गया।
अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों ने अपने परिवार के सदस्यों के साथ विद्यालय पहुंच कर दीप प्रज्जवलित किए और शिक्षा के मंदिर के प्रति अपना सम्मान, अपनापन और कृतज्ञता व्यक्त किया। दीपों की रोशनी से विद्यालय परिसर जगमगा उठे और वातावरण में उत्साह, उमंग तथा सकारात्मकता का संचार हुआ। जिला समन्वयक एफएलएन राजेश वशिष्ठ ने बताया कि दीपावली प्रकाश, खुशियों और सकारात्मक ऊर्जा का त्योहार है। इस अवसर पर प्रत्येक व्यक्ति अपने घर, आंगन और मंदिर में दीप जलाकर सुख-समृद्धि की कामना करता है।
राजेश वशिष्ठ ने कहा कि विद्यालय को विद्या का मंदिर कहा जाता है। यह वह स्थान है जहां बच्चे केवल पढऩा-लिखना ही नहीं सीखते बल्कि अनुशासन, सहयोग, ईमानदारी, जि मेदारी, सामाजिक व्यवहार और जीवन में सही निर्णय लेने जैसे महत्वपूर्ण गुण भी विकसित करते हैं। विद्यालय में बिताया गया समय प्रत्येक विद्यार्थी के जीवन की नींव तैयार करता है। शिक्षक बच्चों को ज्ञान देने के साथ उनके व्यक्तित्व निर्माण और उज्जवल भविष्य की दिशा निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि दीपक अंधकार को दूर करने के साथ ज्ञान, आशा और नई ऊर्जा का संदेश देता है।
एक दीप विद्यालय के नाम अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों को अपने परिवार के सदस्यों के साथ इस गतिविधि में भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया। बच्चों ने अपने अभिभावकों के सहयोग से विद्यालय पहुंच कर दीप जलाए। जिला समन्वयक राजेश वशिष्ठ ने बताया कि एक दीप विद्यालय के नाम अभियान केवल दीप जलाने तक सीमित नहीं है बल्कि इसके पीछे विद्यार्थियों को अपने शैक्षणिक संस्थान से भावनात्मक रूप से जोडऩे की सकारात्मक सोच है।