अजमेर, 10 जुलाई। अजमेर की पॉक्सो कोर्ट संख्या 2 ने नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के मामले में आरोपित को दोषी ठहराते हुए उसे 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपित पर 20 हजार रुपएये का अर्थदण्ड भी लगाया है।
विशिष्ट लोक अभियोजक संजय तिवारी ने जानकारी दी कि जुर्माना जमा नहीं कराने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। पीड़िता को 6 लाख रुपये प्रतिकर राशि देने के आदेश भी अदालत ने दिए हैं इनमें से 20 प्रतिशत नकद और शेष 80 प्रतिशत राशि एफडी के रूप में जमा कराया जाएगा जो बच्ची के बड़े होने पर उसे मिलेगी।
मामला अजमेर के अलवरगेट पुलिस थाने से जुड़ा बताया जा रहा है। पीड़िता का बयान 19 फरवरी 2025 को दर्ज किया गया था। इसके बाद 12 मई 2025 को कोर्ट मे चालान पेश किया गया । घटना के समय पीड़िता की उम्र 10 साल थी।
अभियोजन के अनुसार बच्ची ने अपनी मां को बताया था कि मोहल्ले का करीब 45 साल का व्यक्ति उसे इशारे से छत पर बुलाकर ले जाता था। उसे पांच रुपए देने का लालच देता था और उसके साथ गलत हरकत करता था।
मामले की जांच के बाद आरोपित के खिलाफ बच्ची के पिता ने पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। आरोपित को पुलिस ने पकड़ कर कोर्ट में चालान पेश किया।
पुलिस ने 16 गवाह और 42 दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए। साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने आरोपित को दोषी मानते हुए उसे 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।