नई दिल्ली, 01 अगस्त । आम आदमी पार्टी (आआपा) के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ई-20 पेट्रोल को लेकर मांग की कि देशभर के पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं को सामान्य (शुद्ध) पेट्रोल और ई-20 पेट्रोल के बीच विकल्प दिया जाए। यदि सरकार यह मांग नहीं मानती है तो 4 अगस्त को वह 100 लोगों के साथ प्रधानमंत्री आवास तक मार्च निकालकर प्रधानमंत्री को हस्ताक्षर अभियान के तहत याचिका सौंपेंगे।
केजरीवाल ने शनिवार को कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में आयोजित ‘नेशनल टाउन हॉल’ को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार बिना पर्याप्त वैज्ञानिक अध्ययन सार्वजनिक किए लोगों पर ई-20 पेट्रोल थोप रही है। उन्होंने दावा किया कि अब तक दो लाख से अधिक लोग ऑनलाइन याचिका पर हस्ताक्षर कर चुके हैं। यह अभियान 3 अगस्त तक जारी रहेगा और इसके बाद प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री आवास जाकर याचिका सौंपेगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार नागरिकों पर ‘मिलावटी पेट्रोल’ थोप रही है। ई-20 के खिलाफ सवाल उठाने वालों को डराया-धमकाया जाता है और उन्हें राष्ट्रविरोधी तक कहा जाता है। यदि ई-20 वास्तव में पूरी तरह सुरक्षित है तो सरकार खुली बहस से क्यों बच रही है। सवाल पूछने वालों के खिलाफ प्राथमिकी तक दर्ज कराई जाती है, जिससे यह संदेह पैदा होता है कि सरकार किसी दबाव में इस नीति को लागू कर रही है।
उन्होंने दावा किया कि एक सर्वेक्षण के अनुसार 67 प्रतिशत वाहन मालिकों ने ई-20 के इस्तेमाल के बाद माइलेज घटने की शिकायत की है, जबकि 45 प्रतिशत लोगों ने इंजन पर प्रतिकूल असर पड़ने की बात कही है। यदि लाखों लोग एक जैसी समस्या बता रहे हैं तो उनकी बात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने ई-20 पर किए गए सभी अध्ययन और तकनीकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएं की मांग की।
केजरीवाल ने कहा कि ई-20 पेट्रोल से केवल वाहन ही प्रभावित नहीं हो रहे, बल्कि इथेनॉल उत्पादन से जुड़े पर्यावरणीय सवाल भी सामने आ रहे हैं। इथेनॉल संयंत्रों के आसपास भूजल प्रदूषण की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने 29 वाहन निर्माता कंपनियों को पत्र लिखकर पूछा है कि क्या 2023 से पहले बने वाहनों में ई-20 का सुरक्षित उपयोग संभव है और यदि नुकसान होता है तो क्या कंपनियां जिम्मेदारी लेंगी।
केजरीवाल ने दावा किया कि करीब छह लाख लोग इस कार्यक्रम से जुड़े। कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक और प्रतीकात्मक प्रदर्शन के जरिए ई-20 के कथित दुष्प्रभावों को दिखाया गया। कार्यक्रम में कलाकार श्याम रंगीला भी मौजूद रहे, जिन्होंने प्रधानमंत्री के अंदाज में व्यंग्यात्मक संवाद के जरिए ई-20 नीति और हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों पर सवाल उठाए। इस कार्यक्रम में देशभर से बड़ी संख्या में लोग ऑनलाइन और ऑफलाइन जुड़े।
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