उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय में रोजगार एवं कौशल विकास पर विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रबन्ध अध्ययन एवं वाणिज्य विद्याशाखा के निदेशक प्रो. गगन सिंह जी के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने रोजगारपरक शिक्षा की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक परिवेश में शैक्षणिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक कौशल एवं व्यावसायिक दक्षताओं का विकास भी आवश्यक है।

आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन केंद्र (सिक़ा ) के निदेशक प्रो. गिरिजा प्रसाद पांडे जी ने शिक्षार्थियों को संबोधित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सही मार्गदर्शन, निरंतर सीखने और कौशल विकास के महत्व को रेखांकित किया। वहीं, निदेशक अकादमिक प्रो. पी.डी. पंत जी ने कार्यक्रम के लिए शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए रोजगारपरक शिक्षा की महत्ता पर बल दिया।

कार्यक्रम के विशेषज्ञ वक्ता डॉ. आशीष गुप्ता, सह-प्राध्यापक, महर्षि विश्वविद्यालय, नोएडा परिसर ने करियर निर्माण एवं रोजगार क्षमता से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने शिक्षार्थियों को अपनी रुचियों, क्षमताओं एवं योग्यताओं का आत्म-मूल्यांकन कर करियर का चयन करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते व्यावसायिक परिदृश्य में निरंतर सीखना, नए कौशल विकसित करना तथा स्वयं को अद्यतन रखना आवश्यक है।

शिक्षार्थियों को केवल प्रमाणपत्र एवं उपाधि प्राप्त करने तक सीमित न रहकर व्यावहारिक ज्ञान, संचार कौशल एवं समस्या समाधान की दक्षताओं पर विशेष ध्यान देना चाहिए, ताकि उनके कौशल से व्यक्तिगत विकास के साथ-साथ समाज भी लाभान्वित हो सके।

विशेषज्ञ व्याख्यान के पश्चात शिक्षार्थियों के साथ प्रश्नोत्तर एवं संवाद सत्र आयोजित किया गया, जिसमें उन्होंने करियर चयन, रोजगार के अवसरों और आवश्यक कौशलों से संबंधित प्रश्न पूछे। कार्यक्रम के अंत में वाणिज्य विभाग की सहायक आचार्य डॉ. प्रिया महाजन ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया तथा विशेषज्ञ वक्ता, विश्वविद्यालय के अधिकारियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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