जयपुर, 22 जुलाई । सेशन कोर्ट परिसर में जगह की कमी से जुड़े मामले में राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में प्लान पेश कर जानकारी दी है। राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद ने अदालत को बताया कि मौजूदा कोर्ट परिसर में महानगर प्रथम और एमएसीटी कोर्ट की बिल्डिंग की जगह मल्टी स्टोरी इमारत बनाने की प्लानिंग की जा रही है। इस पर अदालत ने कहा कि यह बिल्डिंग करीब दो साल में पूरी बन जाएगी, तब तक पास के होटल अशोक में कोर्ट संचालित की जा सकती है। इसके साथ ही अदालत ने मामले की सुनवाई 12 अगस्त तक टाल दी है। एक्टिंग सीजे संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस भुवन गोयल की खंडपीठ ने यह आदेश दीन दयाल खंडेलवाल की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
पूर्व में खंडपीठ ने राज्य सरकार को सुझाव दिया था कि मौजूदा स्थल पर बहुमंजिला इमारत बनने से यहां आने वालों को परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। यदि कोर्ट को शहर से दूर भेजा गया तो पक्षकारों को काफी मशक्कत होगी। इसके साथ ही मौजूदा स्थान पर भूमिगत पार्किंग बनाकर समस्या का हल निकाला जा सकता है। इस पर महाधिवक्ता ने चीफ टाउन प्लानर और तकनीकी विशेषज्ञों से राय करने के लिए समय मांगा था। जनहित याचिका में कहा गया कि कोर्ट परिसर में जगह कम पडने से यहां आने वाले पक्षकारों, वकीलों और न्यायिक अधिकारियों के साथ-साथ कोर्ट स्टाफ को परेशानी होती है। पूर्व में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को जानकारी दी गई थी कि सीकर रोड पर नींदड में सौ बीघा और अजमेर रोड पर गांव पीपला भगतसिंह में कोर्ट के लिए भूमि आरक्षित की गई है।